Loading...

  • क्रुरकर्मी मनुष्य

    एतां दृष्टिमवष्टभ्य नष्टात्मानोऽल्पबुद्धयः ।
    प्रभवन्त्युग्रकर्माणः क्षयाय जगतोऽहिताः ॥१६- ९॥

    इस मिथ्या ज्ञान को अवलम्बन करके- जिनका स्वभाव नष्ट हो गया है तथा जिनकी बुद्धि मन्द है, वे सब अपकार करने वाले क्रुरकर्मी मनुष्य केवल जगत्‌ के नाश के लिए ही समर्थ होते हैं॥9॥

    |0|0
Krishna Kutumb
ब्लॉग सूची 0 0 प्रवेश