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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    आशापाशशतैर्बद्धाः कामक्रोधपरायणाः ।
    ईहन्ते कामभोगार्थमन्-
    यायेनार्थसञ्चयान् ॥१६- १२॥

    वे आशा की सैकड़ों फाँसियों से बँधे हुए मनुष्य काम-क्रोध के परायण होकर विषय भोगों के लिए अन्यायपूर्वक धनादि पदार्थों का संग्रह करने की चेष्टा करते हैं॥12॥

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