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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    अहंकारं बलं दर्पं कामं क्रोधं च संश्रिताः ।
    मामात्मपरदेहेषु प्रद्विषन्तोऽभ्यसूयकाः ॥१६- १८॥

    वे अहंकार, बल, घमण्ड, कामना और क्रोधादि के परायण और दूसरों की निन्दा करने वाले पुरुष अपने और दूसरों के शरीर में स्थित मुझ अन्तर्यामी से द्वेष करने वाले होते हैं॥18॥

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Krishna Kutumb
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