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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    यः शास्त्रविधिमुत्सृज्य वर्तते कामकारतः ।
    न स सिद्धिमवाप्नोति न सुखं न परां गतिम् ॥१६- २३॥

    जो पुरुष शास्त्र विधि को त्यागकर अपनी इच्छा से मनमाना आचरण करता है, वह न सिद्धि को प्राप्त होता है, न परमगति को और न सुख को ही॥23॥

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Krishna Kutumb
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