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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    सत्त्वानुरूपा सर्वस्य श्रद्धा भवति भारत ।
    श्रद्धामयोऽयं पुरुषो यो यच्छ्रद्धः स एव सः ॥१७- ३॥

    हे भारत! सभी मनुष्यों की श्रद्धा उनके अन्तःकरण के अनुरूप होती है। यह पुरुष श्रद्धामय है, इसलिए जो पुरुष जैसी श्रद्धावाला है, वह स्वयं भी वही है॥3॥

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Krishna Kutumb
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