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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    अशास्त्रविहितं घोरं तप्यन्ते ये तपो जनाः ।
    दम्भाहंकारसंयुक्ताः कामरागबलान्विताः ॥१७- ५॥

    जो मनुष्य शास्त्र विधि से रहित केवल मनःकल्पित घोर तप को तपते हैं तथा दम्भ और अहंकार से युक्त एवं कामना, आसक्ति और बल के अभिमान से भी युक्त हैं॥5॥

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