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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    यातयामं गतरसं पूति पर्युषितं च यत् ।
    उच्छिष्टमपि चामेध्यं भोजनं तामसप्रियम् ॥१७- १०॥

    जो भोजन अधपका, रसरहित, दुर्गन्धयुक्त, बासी और उच्छिष्ट है तथा जो अपवित्र भी है, वह भोजन तामस पुरुष को प्रिय होता है॥10॥

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Krishna Kutumb
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