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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    सद्भावे साधुभावे च सदित्येतत्प्रयुज्यते ।
    प्रशस्ते कर्मणि तथा सच्छब्दः पार्थ युज्यते ॥१७- २६॥

    'सत्‌'- इस प्रकार यह परमात्मा का नाम सत्यभाव में और श्रेष्ठभाव में प्रयोग किया जाता है तथा हे पार्थ! उत्तम कर्म में भी 'सत्‌' शब्द का प्रयोग किया जाता है॥26॥

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Krishna Kutumb
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