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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    निश्चयं शृणु मे तत्र त्यागे भरतसत्तम ।
    त्यागो हि पुरुषव्याघ्र त्रिविधः संप्रकीर्तितः ॥१८- ४॥

    हे पुरुषश्रेष्ठ अर्जुन ! संन्यास और त्याग, इन दोनों में से पहले त्याग के विषय में तू मेरा निश्चय सुन। क्योंकि त्याग सात्विक, राजस और तामस भेद से तीन प्रकार का कहा गया है॥4॥

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Krishna Kutumb
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