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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    ज्ञानं कर्म च कर्ता च त्रिधैव गुणभेदतः ।
    प्रोच्यते गुणसंख्याने यथावच्छृणु तान्यपि ॥१८- १९॥

    गुणों की संख्या करने वाले शास्त्र में ज्ञान और कर्म तथा कर्ता गुणों के भेद से तीन-तीन प्रकार के ही कहे गए हैं, उनको भी तु मुझसे भलीभाँति सुन॥19॥

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Krishna Kutumb
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