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  • श्री कृष्णा भगवान ने अर्जुन से कहा

    न च तस्मान्मनुष्येषु कश्चिन्मे प्रियकृत्तमः ।
    भविता न च मे तस्मा-
    दन्यः प्रियतरो भुवि ॥१८- ६९॥

    उससे बढ़कर मेरा प्रिय कार्य करने वाला मनुष्यों में कोई भी नहीं है तथा पृथ्वीभर में उससे बढ़कर मेरा प्रिय दूसरा कोई भविष्य में होगा भी नहीं॥69॥

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