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शिव दास

रुद्राक्ष खाते क्यों नही?

यदि तुलसी माता की पूजा, माला धारण तथा इनके पत्तों को सेवन किया जा सकता है तो रुद्राक्ष का सेवन क्यों नहीं किया जा सकता?

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  • Mrinmayi Vadakkeशृद्धालु

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    रुद्राक्ष वातावरण से तेज लेकर उसका रूपांतर तेल में करता है । रुद्राक्ष के वृक्ष के नीचे बैठकर ‘ॐ नमः शिवाय ।’ जप करनेपर, रुद्राक्ष से चौबीस घंटे सुगंधित तेल निकलता है । रुद्राक्ष के छिद्र में फूंक मारने से वह तेल बाहर आता है । रुद्राक्ष का तेल सुगंधित होता है । उसके वृक्ष से भी तेल निकाला जाता है । रुद्राक्ष सिद्ध करने पर उसमें से तेल के स्थान पर वायु बाहर निकलती है । इसी लिए रुद्राक्ष नही खाते