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Shiv Das

भगवद्गीता के सभी श्लोकों को मैं याद करना चाहता हूँ। कैसे करूँ? कृपया मेरी सहायता कीजिये। मैं आपका आभारी रहूँगा।

मैं श्रीमद्भगवद्गीता के सम्पूर्ण श्लोकों को सुकंठस्थ करना चाहता हूँ तथा ये भी चाहता हूँ कि केवल श्लोकों को पढ़ने मात्र से मुझे उनके अर्थ समझ में आ जायें कृपया सलाह दीजिये।ये भी बताने की कृपा करें कि मैं पूर्णरूप से कैसे पूरी भगवद गीता समझ जाऊँ मुझे भगवद गीता पूरी समझ में नहीं आती। कृपा ये भी बताएं कि ऐसे कौन कौन हैं जिन्हें पूरी भगवद्गीता याद है और वे उन्हें पूरा समझते भी हैं मैं ऐसे लोगों को जानने का इच्छुक हूँ।कृपया उत्तर जरूर दें ये मेरे जीवन का महत्वपूर्ण लक्ष्य है पूरी भगवद्गीता अपनी बुद्धि में बैठा सकूँ उनका अर्थ जान सकूँ इसके लिए सलाह जरूर दें।

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  • Vishal VaishnavDevotee

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    https://drive.google.com/file/d/0B8aaEi2AG4bMVFVRM0lVV0dHMUU/view?usp=drivesdk

    Bhagwad Geeta yatharup link.

  • Vishal VaishnavDevotee

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    शिव दास जी आप "भगवत गीता यथारूप " पढें

    उसमें आपकौ श्लोक ,और उनके हर शब्द का अर्थ और सम्पुर्ण अर्थ और मुख्य अर्थ सब दिये हुए हें जिससे आपकौ समजने में और याद करने में आसानी होगी....... हरे कृष्ण

  • Akash MittalCore Team Member

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    भगवद गीता इस संसार का संपूर्ण सत्य है। जिसे भगवद गीता समझ आ गयी उसे संसार के हर प्रश्न का उत्तर मिल जायेगा। हर प्रश्न का उत्तर पता चल जाना आसान नहीं है। इसका मतलब गीता को समझना आसान नहीं है।

    गीता को याद किया जा सकता है। किसी भी चीज़ को याद किया जा सकता है परन्तु समय लगता है और जो समय नहीं देते वो कह देते हैं कि हमें कोई चीज़ याद नहीं हो रही। जैसे कि एक बच्चा अपने विषयों को याद नहीं कर पाता क्योंकि वो उसे समय नहीं देना चाहता।

    अब में बताता हूँ की कोई भी चीज़ कैसे याद की जा सकती है।

    जब बचपन में मुझे पढाई नहीं करनी होती थी पर कोई भी विषय याद करना होता था तो में उसे अपने हर कार्य में शामिल कर लेता था। जैसे मुझे खेलना होता था तो में अपनी पुस्तक सामने रख कर उस चीज़ को बार बार पढता रहता था और इधर उधर दौड़ता रहता था। इस तरह मेरा खेल भी चल रहा होता था और में पढ़ भी रहा होता था। कुछ देर बाद ही वो चीज़ें अपने आप मेरे मुँह से निकलना शुरू हो जाती थी। हमारा दिमाग बहुत बहुत शक्तिशाली बनाया है प्रकृति ने। बस हमें ये समझना होता है कि उस से कार्य कैसे लें।

    आप गीता के श्लोक को पढ़ें। बार बार पढ़ें। कई बार पढ़ें। वो आपको याद हो जाएगा। पर चूँकि गीता बहुत बड़ी है तो आपको उसे याद करने के लिए बहुत समय और दृढ़ता दिखानी होगी। तभी ये संभव है।

    आप चाहे तो पढ़ने के स्थान पर गीता सुन भी सकते हैं। आपको १ ही श्लोक कई कई बार सुनना होगा। रोज़ 1 ही श्लोक सुनें। तब तक सुनें जब तक अपने आप आपके मुँह से वो निकलने ना लगे।

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