Loading...

Devendra Pratap Singh

Jab ham puja karne baith thhe to humara puja mein kyu nahi lagta

Jab hum puja karne baith thhe hai toh humara man kyu nahi lagta

|2|0
  • शिव दासशृद्धालु

    |2|3|0

    1. अभ्यास आवश्यक है । जब हम शरीर धारण करते हैं हमें कुछ ज्ञान नही होता, हमे चलने का अभ्यास करना पड़ता है बोलने का अभ्यास करना पड़ता है ऐसे ही आपको नित्य मन लगे न लगे पूजा करना चाहिए धीरे धीरे आपका मन लगने लगेगा।

    2. मन बड़ा चंचल है आपको अपनी बुद्धि के अनुसार चलना चाहिए मन के नहीं। निश्चय दृढ़ रखें, जब आपको पूजा करना है तो आप पूजा ही करें मन हो ना हो उसका आप पर प्रभाव न हो आप ऐसा प्रयत्न करें।

    3. हम जन्म जन्मांतर से संसार के प्रति आसक्ति रखे हुए हैं जिसके कारण हमारा मन सांसारिक कार्यों में रुचि लेता है और जब हम पूजा या अन्य धार्मिक कार्य करना चाहते हैं तो हमारा उन कार्यों में मन नही लगता या हमे नींद आने लगता है।

    4. यह पाप कर्मों का प्रभाव है। पाप कर्म गलत कार्य का फल है, हम जो भी कर्म पूर्व समय मे किये चाहे वे इस जन्म का पूर्व समय हो या पूर्वजन्म का समय उसके हमारे मन मे गलत संस्कार होते हैं जिसके कारण हमारा मन भक्ति में नही लगता। आप भक्ति करती जाएं चाहे आपका मन आपका साथ दे या न दे धीरे धीरे आपके भक्ति के प्रभाव से आपकी बुद्धि पर अच्छे संस्कार पड़ेंगे और आप भक्ति संबंधी कार्यों में रस(रुचि) लेने लगेंगे।

    शिव शिव शिव

    Download Image