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रामदेवसिंह ज़ल

Samay balwan

Samay samay balwan nahi manav balwan kabe Arjun luta wahi danushya wahi baan.. mera questions h k kaba kon tha aur kese Arjun ko luta???

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  • Arjun Panditशृद्धालु

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    ठीक उसी प्रकार जैसे शरीर मे जब तक आत्मा वास् करती है ओर इन्सान हर प्रकार का काम करता है लेकिन जब शरीर में से प्रभू का अंश निकल जाता है तो वो शक्ति हींन हो जाता है (अर्जुन पंडित)धन्यबाद जी

  • शिव दासशृद्धालु

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    जब कृष्ण जी वैकुण्ठ चले गए तब अर्जुन को बहुत शोक हुआ वे कुंती माता तथा द्रौपदी माता इत्यादि को कहीं ले जा रहे थे उसी समय कुछ डाकुओं ने अर्जुन पर हमला किया अर्जुन सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर थे उस समय, फिर भी वे डाकू अर्जुन को परास्त कर सारे आभूषण इत्यादि लूट कर चले गए। तब अर्जुन को अहसास हुआ कि पूरी महाभारत जीतने वाले वे नही कृष्ण थे अर्जुन की भुजाओं तथा धनुर्विद्या के बल के कारण अर्जुन सर्वत्र विजयी नही हो रहे थे अपितु कृष्ण जी की दया से वे अजेय बने हुए थे। अर्थात वो कृष्ण कृपा ही थी जिसके कारण पांडवों का कभी कोई कुछ बिगाड़ न सके। कृष्ण जी के वैकुण्ठ जाते ही कुछ साधारण डाकुओं से अर्जुन का इस प्रकार परास्त होना इसी बात का प्रमाण है।

    जब हम परमात्मा की भक्ति करते हैं हमारे सारे संकट स्वत: ही हटते चले जाते हैं इसे हम समझते हैं कि ये हमारा किस्मत है या हमने ये अपने दम पर किया। यथार्थ तो ये होता है कि प्रभु कृपा से ही हमारे सारे काम बनते हैं और हम खुद को कर्ता मान तथा खुद को कारण मान अपनी उपलब्धियों पर घमंड किया करते हैं ।

    हमे इस पर विचार करना चाहिए।

    शिव शिव शिव...