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Mayank Rustagi

शरीर सांस लेता है या आत्मा?

कृपया मार्गदर्शन करें

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  • Shiv DasDevotee

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    यदि कर्ता भाव से कहा जाए तो स्वाश हम लेते हैं माध्यम शरीर और कारण त्रिगुण होते हैं।

    यदि अकर्ता भाव से कहा जाए तो हम स्वाश नही लेते।

    आपका यह भाव की मैं कर्ता हुँ आपको बार बार जन्म लेने पर विवश करता है।

    हम सभी में यह भाव है इसे अहंकार कहा जाता है। शिव शिव शिव ...

    आत्मा हम हैं और हम सदैव अकर्ता होने से कोई भी कर्म जैसे स्वास लेना इत्यादि नही करते।

    शरीर एक जड़ पदार्थ है अत: वह स्वास नही लेता।

    हम स्वास लेते हैं शरीर के माध्यम से यह सामान्य सा ज्ञान है इस ज्ञान में सभी जीते हैं।

    किन्तु जब आप अकर्ता के भाव से जियेंगे तब आप यथार्थ में अकर्ता हो जाएंगे और आपका यह भाव जिसे ज्ञान कह सकते हैं आपको जन्म मरण के बंधन से मुक्त कर देगा। शिव शिव शिव

    जब तक आप कर्ता के भाव में हैं यह समझ सकते हैं कि स्वास हम लेते हैं और शरीर के माध्यम से लेते हैं। शिव शिव शिव

  • Sandeep ChatterjeeDevotee

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    शरीर