Loading...

Mayank Rustagi

Shre krishna ki tridha leela kya thi ?

kripya sankshep mein leela ka gyan krayein - dhanyawad।

|3|3
  • Vishal Vaishnav

    |2|0|0

    ॥ श्री क्रुष्ण - त्रिध लीला ॥

    " क्रुष्ण क्रुष्ण सब कोई कहे, पर भेद न जाने कोए "

    नाम एक विध है सही पर रूप तीन विध होए ॥

    एक भेद बैकुंठ का दूसरा है गो - लोक ।

    तीसरा धाम अखंड का कहत पुराण विवेक ॥

    अर्थात :

    (१) देवकी के गर्भ से जन्म लेने वाले और जरासिंध के युद्ध काल से बैकुंठ गमन तक कृष्ण लीला बैकुंठ वासी विष्णु भगवान की मानी जाती है।

    (२) जिस बाल स्वरूप को वासुदेव जी मथुरा से गोकुल में ले गए और जो अक्रूर के साथ मथुरा गए और वहां पर हाथी तथा मुष्टिक आदि पहलवानों (मल्ल - राज) एवं कंस का वध किया वह गोलोक वासी श्री कृष्ण का स्वरूप माना जाता है ।

    (३) जिन्न श्री कृष्ण स्वरूप ने ११ वर्ष ५२ दिन तक नंद घर में प्रवेश करते हुए ब्रज में और तत्पश्चात रास मण्डल में रास लीला की, वह स्वरूप पूर्ण ब्रह्म परमात्मा की आवेश शक्ति से सम्पन्न माना जाता है जो ब्रज में दिव्य लीला कर तत्पश्चात अपने आवेश को लेकर अपने अखंड परमधाम को चले गए।

    जी हरे कृष्णा 🙏