Loading...

Sachit Kathir

मनुष्य संन्यास क्यों लेता है?

.

|0|0
  • Yayin Vipinशृद्धालु

    |0|0|0
    Download Image

    श्रीमद भगवद गीता में श्री कृष्ण ने सन्यासिओं के विषय में बताया है की, वो मनुष्य जिसे अपने कर्म के फल की इच्छा नहीं होती अपितु कर्म को पूर्ण करने के लिए करता है वो सन्यासी है और वही योगी है। जीवनके चार स्तम्भ बताये गए हैं - धर्म, समृद्धि,काम और मोक्ष। इनमें से मोक्ष प्राप्ति का साधन है संन्यास।

    *मनु स्मृति (6/33)* में महाराज मनु ने बताया है -

    *चतुर्थमायुशो भागम त्यागतवा संगानप्रिव्रजेता*

    अर्थात जीवन के चौथे भाग में मनुष्य को संन्यास लेना चाहिए। सभी मोह-माया और अज्ञानता से मुक्त हो जाना चाहिए। एक तपस्वी का लक्ष मोक्ष प्राप्त करना है।

  • Lovarboy Rihant Krशृद्धालु

    |0|0|0

    Apna kul wanos ko chal a ka liaa