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Jowaki Chaterju

क्या धर्म होना जरुरी होता है?

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  • Pramada Datlaशृद्धालु

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    *धर्म* को इस तरह परिभाषित किया गया है -

    *धर्मो माता पिता चैव धर्मो बन्धुः सुहृताथा ।

    धर्मः स्वर्गस्य धर्मात्स्वर्गमवाप्यते ।।*

    अर्थात, धर्म माता है, धर्म पिता है और धर्म ही सच्चा मित्र है। धर्म स्वर्ग की सीढ़ी है और धर्म के मार्ग पर स्वर्ग की प्राप्ति संभव है।

  • Sugouri Khurshशृद्धालु

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    *धर्म* दो शब्दों से मिलकर बना है, *धरि* (धातु) और *घ्यान* (आत्मपरीक्षण) जिसका अर्थ है सुरक्षित, कीमती, सहायक, दत्तक आदि।

    धर्म के विषय में कहा गया है -

    *धार्यते जनरीति धर्म*

    अर्थात जो कुछ भी मनुष्य के द्वारा किया जाता है उसे धर्म कहते हैं।

  • Krishnadas Kundu

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    Religion is not a sanskrit word . The word dharma is not same as religion . There no Synonym of the word religion in sanskrit language . Dharma means duty .