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  • असंभव से संभव।

    यह तथ्य सर्वविदित है कि किसी भी कार्य को पूरा करने के 10 तरीके होते हैं लेकिन उसको टालने के 1000 तरीके। यानि कि कार्य को टालना, उसे पूरा करने की तुलना में 100 गुना आसान होता है।
    लेकिन मित्रों, हम सब के जीवन में एकाधिक बार ऐसे अवसर आते हैं जब हम कोई भी बहाना बनाये बगैर कार्य को पूर्ण करने अर्थात लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जी-जान लगा देते हैं। और ऐसे ज्यादातर मामलों में हमें सफलता निश्चित तौर पर प्राप्त होती ही है।
    अब गौर करने वाली बात यह है कि हम आखिर काम को टालने के प्रयास क्यों करते हैं? या फिर हमें दिए गए लक्ष्य को पाने के प्रति हम समर्पित क्यों नहीं हो पाते?
    जवाब आसान सा है- जिस कार्य में हमारी रुचि नहीं होती, वो कार्य हमें अच्छा नहीं लगता और हम उसे टालने के बहाने ढूंढने लगते हैं किंतु जैसे ही हमें अपनी रुचि का कार्य मिलता है, हम जी-जान से उसे पूरा करने में लग जाते हैं, सारी बाधाएं हमें सरल सी लगने लगती हैं, कोई अवरोध हमारा रास्ता नहीं रोक पाता।
    लेकिन जीवन में सब कुछ हमारे अनुकूल नहीं होता। कई बार हमें ऐसे कार्य भी करने होते हैं जो हमारी रुचि के भले ही ना हों, लेकिन होते अति आवश्यक हैं। ऐसे कार्यों को टालने के बहाने ढूंढने की बजाय यदि हम उन्हें पूरा करने के तरीके सोचें तो कठिन से कठिन कार्य भी हम सरलतापूर्वक कर सकते हैं, क्योंकि हममें क्षमता है।
    अतः संकल्प लें कि किसी भी कार्य को टालने के बहाने नहीं, उसे पूरा करने के तरीके ढूंढेंगे क्योंकि कोई भी कार्य हमारे लिए असंभव नहीं हो सकता।
    कर्मशील लोगों का साथ ईश्वर सदैव देते हैं।

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Krishna Kutumb
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