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  • दीवाली - भारत का विशालतम त्यौहार

    कार्तिक माघ के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को भारत का एक बहुत विशाल त्यौहार मनाया जाता है जिसे दीपावली कहते हैं। ये दिन दीपों की रौशनी से जगमगाता है। अगर अंतरिक्ष से देखा जाए तो भारत पूरी पृथ्वी पर अलग से चमकता है। सही मायने में कहा जा सकता है - सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा।
    ये त्यौहार है बुराई पर अच्छाई की जीत का, अन्धकार पर प्रकाश के वर्चस्व का, अज्ञान पर ज्ञान के महत्व का, और निराशा पर उम्मीद की किरण का।
    इस त्यौहार का लक्ष्य है हर तरफ ख़ुशी परन्तु बहुत से घर इस दिन भी अन्धकार में डूबे होते हैं। बहुत से बच्चे मिठाई और साफ़ सुथरे कपडे भी नहीं पाते। ना जाने क्यों हम इस चीज़ को नहीं समझते की जो कुछ हमारे पास है वो सब ईश्वर का है और अगर हम एक छोटा सा अपनी ख़ुशी का हिस्सा किसी ऐसे के साथ बाँट लें जिसके पास कुछ नहीं है तो हमारा कुछ कम नहीं होगा। क्यों हम नहीं समझते कि हममें और उन लोगों में कोई अंतर नहीं जिन्हे कुछ नहीं मिला। केवल फर्क है तो इस चीज़ का कि हमारा जन्म हुआ ठीक ठाक परिवार में और उनका जन्म हुआ अत्यंत गरीब परिवार में। अगर समय का फेर बदलता तो शायद हम उनकी जगह होते और उम्मीद कर रहे होते कि काश कोई हमारी भी मदद करे। कृष्णा कुटुंब का लक्ष्य है कि हम इस सोच को जन्म दें और बदलाव की नींव रखें।

    उत्तर भारत में दिवाली श्री राम के अयोध्या आगमन के उपलक्ष में मनाया जाता है वहीँ दक्षिण भारत में श्री कृष्ण का नरकासुर के वध की ख़ुशी में मनाया जाता है।

    आज ही के दिन सिख, बंदी छोड़ दिवस, मनाते हैं क्योंकि गुरु हरगोविंद सिंह जी मुगलों की जेल से काफी राजाओं को आजाद कराते हुए भाग गए थे।

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